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Communication Kya Hai – जानिये Communication कितने प्रकार के होते हैं?

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कम्युनिकेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है अपने विचारों या संदेशों का आदान प्रदान करने के लिए, पुराने जमाने की तुलना में आज के तकनीकी युग में कम्युनिकेशन के कई विकल्प मौजूद हैं अनेकों तरीकों से अपने विचारों को देश – विदेश कहीं भी पहुंचाया जा सकता है और इसमें महज कुछ मिनटों का ही समय लगता है। 
कम्युनिकेट करने के लिए हर व्यक्ति अपने मूल भाषा या बोली का उपयोग करता है मतलब हर इंसान कम्युनिकेट करता / करती है, कम्युनिकेशन में भाषा एक माध्यम होता है जिसके जरिए विचारों का आदान – प्रदान किया जाता है। दोस्तों आपको यह तो पता चला गया कि कम्युनिकेशन या संचार आवश्यक होता है विचार, संवाद या संदेशों को अन्य स्थान (व्यक्ति) तक पहुंचने के लिए किन्तु क्या आपको पता है Communication Kya Hai, Communication Meaning in Hindi क्या होता है? यदि पता है तो अच्छी बात है लेकिन नहीं पता या कोई डाउट है तो इस लेख में मैंने कम्युनिकेशन क्या है? और कम्युनिकेशन कितने प्रकार के होते हैं? बताया है जिसे आपको जरूर से पूरा पढ़ना चाहिए।

Communication Kya Hai? – जानिये What is Communication in Hindi

Communication Kya Hai
Communication Kya Hai in Hindi

दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले किसी भी प्रकार की सूचना, संवाद, जानकारी या विचारों के आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया को कम्युनिकेशन (communication) या संचार कहा जाता है। आज के modern age में communicate करने के कई साधन उपलब्ध है जिनके जरिए कुछ मिनटों में विचारों या संदेशों का आदान प्रदान करना संभव हो गया है, इसके विपरीत पहले जब कम्युनिकेशन की बेहतर साधन उपलब्ध नहीं थी तब जरूरी सूचनाओं को किसी व्यक्ति या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में कई दिनों का समय लग जाता था लेकिन बढ़ती तकनीक (technology) की वजह से कम्युनिकेट करना काफी आसान हो गया है।
कम्युनिकेशन प्रक्रिया के दौरान अपने विचारों को सामने वाले व्यक्ति तक पहुंचाने का सबसे अच्छा माध्यम हमारी मूल भाषा होती है इससे एक व्यक्ति पास बैठे किसी व्यक्ति से कम्युनिकेट कर सकता है इसके अलावा मोबाइल या टेलीफोन के जरिए दूर बैठे किसी व्यक्ति के साथ कम्युनिकेट कर सकता है जिसमें अपनी मैसेज को रिसीवर तक पहुंचाने के लिए भाषा (language) का उपयोग किया जाता है।
कम्युनिकेशन मीनिंग इन हिन्दी :~ Communication word का हिन्दी में मीनिंग होता है “संचार” (Sanchar) आपको बता दूं कि कम्युनिकेशन वर्ड को लैटिन भाषा के शब्द Communicare से लिया गया है, इसका अर्थ है सूचनाओं का आदान प्रदान करना। उम्मीद करता हूं आपको यह जानने में मदद मिली होगी कि Communication क्या है? और इसका हिंदी में मीनिंग क्या है?

Communication कितने प्रकार के होते हैं?


ऊपर दी गई जानकारी के माध्यम से आप ने जाना कि Communication Kya Hota Hai? दोस्तों कम्युनिकेशन के चार प्रकार होते हैं जिन के विषय में भी आपको जानकारी होनी चाहिए आइए जानें और समझें इनके बारे में।

1) Intrapersonal Communication (इंट्रापर्सनल कम्युनिकेशन)


जब व्यक्ति अकेले में खुद से बातें करता है तो इसे इंट्रापर्सनल कम्युनिकेशन कहते हैं इस प्रकार के कम्युनिकेशन में व्यक्ति खुद से किसी भी विषय पर बात कर सकता है, उसके मन में उत्पन्न विचार को लेकर बातचीत, किसी लक्ष्य को लेकर बात या आईने के सामने खुद से बातें करना, ये सभी इसी के अंतर्गत आता है।

2) Interpersonal Communication

जब दो व्यक्ति आपस में कम्युनिकेट करते हैं तो इसे Interpersonal Communication कहते हैं इसके लिए 2 लोगों का होना अनिवार्य होता है ताकि दोनों के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान हो सके।

3) Group Communication

इस प्रकार के कम्युनिकेशन में ग्रुप यस समूह का होना आवश्यक होता है जब किसी ग्रुप में कई लोगों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है तो वह ग्रुप कम्युनिकेशन कहलाता है इस प्रकार के संवाद को आप किसी मीटिंग या सभा में देख सकते हैं।

4) Mass Communication

इसे जनसंचार के नाम से भी जाना जाता है, इसके अंतर्गत समाचार पत्र, टेलीविजन, रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि आते हैं जिन साधना की सहायता से लोगों तक सूचनाओं को पहुंचाने का कार्य किया जाता है।
यहां अपनी जान कम्युनिकेशन के प्रकार के बारे में यदि टेक्नोलॉजी की बात करें तो इस फील्ड में भी कम्युनिकेशन के प्रकार होते हैं जैसे – Simplex (सिम्पलेक्स), Half Duplex (हाफ डुप्लेक्स) Full Duplex (फुल डुप्लेक्स).

Communication की प्रक्रिया

बातचीत के दौरान हम आवश्यक प्रक्रिया का उपयोग करते हैं कम्युनिकेशन केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी करते हैं बस उनके कम्युनिकेशन की प्रक्रिया में अंतर होता है। संचार की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है –

Sender

Sender का अर्थ है भेजने वाला, Sender का कार्य होता हैं सोचना को अन्य लोगों तक पहुंचाना। संदेश भेजने के दौरान संदेश भेजने वाला यानि सेंडर किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकता है जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या लिफाफे पर चिट्ठी के जरिए।

Message

मैसेज जिसे हिंदी में संदेश कहते हैं संदेश में सेंडर अपने विचारों में उत्पन्न शब्दों को लिखता है मैसेज सेंडर के अनुसार छोटा या बड़ा हो सकता है और एक ही मैसेज को मोबाइल डिवाइस से अलग-अलग व्यक्ति को भेज सकता है।

Medium

मीडियम का अर्थ माध्यम से है जिसके जरिए Sender अपनी सूचनाओं को भेजता है। यदि व्यक्ति सामने हो तो सूचना को पहुंचाने के लिए आवाज और भाषा बेहतर माध्यम होगा, लेकिन व्यक्ति बहुत दूर रहता है तो सूचना पहुंचाने के लिए पत्र या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का उपयोग होता है।

Receiver

संदेश प्राप्तकर्ता को रिसीवर कहा जाता है। Receiver भेजे गए साधन के जरिए उस संदेश को प्राप्त कर सकता है।

Protocol

यह कम्युनिकेशन या संचार के आदान-प्रदान के लिए बनाया गया नियम यह प्रोटोकॉल है जिसके जरिए सूचना भेजना संभव हो पाता है। इसका बेहतर उदाहरण है किसी फोन से अपने फोन को ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट करना या अपने डिवाइस को हॉट स्पॉट या वाईफाई से कनेक्ट करना। यह भी बनाई गई प्रोटोल के तहत होता है।

कम्युनिकेशन या संचार से संबंधित जानने योग्य बातें –

संचार माध्यम क्या है – Sanchar Madhyam Kya Hai?

संचार माध्यम से तात्पर्य संदेशों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में प्रयुक्त किए जाने वाले माध्यमों से है। अभी के तकनीकी युग में संचार माध्यम के रूप में मोबाइल, कंप्यूटर, ईमेल, TV, न्यूज पेपर आदि प्रमुख हैं।

संचार के आधुनिक साधन कौन कौन से हैं?

टेलीविजन या TV

TV एक बेहतर संचार माध्यम है जिसके द्वारा घर बैठे दुनिया में घटित अनेकों खबरों को टीवी चैनल्स के माध्यम से देख और सुन सकते हैं, खबरों के अलावा मनोरंजन के साधन के रूप में भी टीवी देखना काफी पसंद किया जाता है।

मोबाइल्स या स्मार्टफोन

आज का दौर मोबाइल फोन या स्मार्टफोन का है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत कर सकता है, इस संचार माध्यम से वीडियो कॉलिंग संभव है यानि बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति को देख भी सकते हैं, साथ ही चैट के जरिए संदेशों का आदान प्रदान किया जा सकता है।

समाचार पत्र या न्यूज पेपर

प्रतिदिन नई खबर से जुड़े रहने के लिए समाचार पत्र अहम भूमिका निभाते हैं इसके माध्यम से सुबह-सुबह आसपास या देश विदेशों में हुई घटनाओं का पता चल जाता है। समाचार पत्र में मनोरंजन, घटना, शिक्षा संबंधी लेख, किसी उत्पाद का विज्ञापन, ब्रेकिंग न्यूज़ आदि पढ़ा जा सकता है।

इंटरनेट और सोशल मीडिया

Internet एक सरल माध्यम हो गया है संचार का, क्योंकि वर्तमान में हर मोबाइल फोन यूजर इंटरनेट का उपयोग करता है, इंटरनेट पर मौजूद न्यूज वेबसाइट की हेल्प से व्यक्ति लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड रहता है, पल-पल की खबर डिजिटल तरीके से पढ़ा और देखा जा सकता है। 
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