Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya | टेलीफोन का आविष्कार किसने किया?

Telephone ka avishkar kisne kiya tha : बहुत दिन नहीं हुए हैं क्योंकि कुछ साल पहले दूसरे शहर में रहने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए डाक के माध्यम से अपना पत्र भेजा करते थे जो कई दिनों के बाद उन तक पहुंचती थी ठीक इसी प्रकार जवाब में एक नया पत्र वापिस भेजी जाती थी जो हम तक पहुंचती थी।

आम आदमी के लिए यह सोचना की कभी ऐसा समय भी आएगा जब हम दूर स्थित किसी दोस्त से जब चाहे तब बात कर पाएंगे लेकिन यह टेलीफोन (telephone) की वजह से संभव हुआ। आधुनिक युग में हमें भले ही कई सुविधाओं वाले सेल फोन देखने को मिलते हैं पर इनकी शुरुआत टेलीफोन से हुई थी, टेलीफोन जो किसी चमत्कार से कम नहीं था, सोचिए जब किसी इंसान ने इस प्रकार बहुत दूर मौजूद किसी दूसरे व्यक्त के साथ एक ही जगह से telephone द्वारा बात करी होगी वह किसी चमत्कार या विज्ञान की सबसे बड़ी सफलता से कम नहीं होगा।

Cell phone या mobile phone का उपयोग करते वालों के मन में यह सवाल जरूर आया होगा की Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya Tha? किसने बनाया टेलीफोन को? जिसके बाद phones बनने लगे और आज हर घरों में एक से ज्यादा mobile phone है। दोस्तों अगर आपने भी इसके बारे में सोचा है तो मैं यहां इसके बारे में जानकारी शेयर कर रहा हूं, इसे आपको पूरा जरूर पढ़नी चाहिए क्योंकि यकीन मानिए इसमें आपको telephone founder, telephone history etc. के बारे में बहुत सी जानकारी मिलेगी।

टेलीफोन क्या है? – Telephone Kya Hota Hai in Hindi

अभी मोबाइल फोन का जमाना है पर आपने जरूर टेलीफोन देखा होगा इसका उपयोग अभी भी होता है, टेलीफोन ऐसा यंत्र है जिसके द्वारा दो अलग अलग व्यक्ति जो एक-दूसरे से कई किलोमीटर दूर मौजूद हो वो इसकी मदद से बातचीत कर सकते हैं, इससे सामने वाले व्यक्ति के आवाज को साफ-साफ सुना जा सकता है।

इस उपकरण से बातचीत के लिए टेलीफोन लाइन बिछाई जाती है जिसे केबल कहते हैं इसी के जरिए वॉइस इलेक्ट्रॉनिक वॉइस में कन्वर्ट होकर दूसरे टेलीफोन उपकरण में पहुंच जाता है। टेलीफोन की शुरुआत बहुत पहले से हो चुकी है पर इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं, जो लोग स्मार्टफोन use करते हैं उनको भी यह मालूम नही होता लेकिन यह हमें पता होना चाहिए।

टेलीफोन की संरचना

टेलीफोन के बॉडी या बॉक्स के अंदर एक transmitter और एक receiver लगा होता है, टेलीफोन बॉक्स से एक घुमावदार तार निकलती है जो telephone के speaker वाले हिस्से से जुड़ा होता है उसी स्पीकर की मदद से phone में सामने वाले व्यक्ति के voice को सुना जाता है, calling या communication के समय टेलीफोन के अंदर लगे transmitter और receiver अपना काम करता है, फलस्वरूप बातें साफ साफ सुनी जा सकती है।

Telephone को हिंदी में क्या कहते हैं?

टेलीफोन को जी हिन्दी भाषा में दूरभाष यंत्र (doorbhash yantra) कहते हैं क्योंकि इसकी मदद से दूर स्थित व्यक्ति से बातें की जा सकती है।

Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya | टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था?

Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya | टेलीफोन का आविष्कार किसने किया?
Telephone

दुनिया में जितने लोग आज स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं यह इसी लिए संभव हुआ क्योंकि टेलीफोन का आविष्कार हुआ मोबाइल, सेल फोन यह सभी के पीछे टेलीफोन के इन्वेंटर का योगदान है।

वैसे तो विज्ञान से सभी आविष्कार में कई वैज्ञानिकों ने अपना अपना योगदान दिया होता है पर उसके शुरुआत का श्रेय किसी एक को ही जाता है उसी तरह टेलीफोन के आविष्कार का मुख्य श्रेय अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को दिया जाता है।

Telephone Inventor - Alexander Graham Bell
Alexander Graham Bell Photo

Alexander Graham Bell Inventions : अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन या दूरभाष, ग्राफोफ़ोन, वेष्टित युग्म, Mine Detector, ऑप्टिकल-फाइबर सिस्टम, डेसिबॅल यूनिट जैसे यंत्रों का Invention किया था। ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च, 1847 को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में हुआ था इनके पिता एक college में professor थे और माता एक pianist (पियानोवादक) थी। हर inventor अपने काम को लेकर जिज्ञासु होता है, नई नई चीजों को सीखता है ऐसे ही Graham Bell भी थे वे बचपन में ही तरह तरह के अविष्कार किया करते थे।

टेलीफोन का आविष्कार कब हुआ था?

ग्राहम बेल ने 2 जून 1875 में टेलीफोन का आविष्कार किया था, तब telephone का size normal से काफी बड़ा था, आसानी से एक जगह से दूसरे जगह रखने के लिए बाद में इसमें customisation किए गए जिससे इसका आकार medium size हुआ।

टेलीफोन का आविष्कार कैसे हुआ था?

आपने यह तो जान लिया कि telephone ka avishkar kisne kiya? पर telephone ka avishkar kaise hua? यह जानना भी जरूरी है इसके बारे में कम ही लोगों को पता है। 

HOW WAS THE TELEPHONE INVENTED : जानकारी के लिए बता दूं कि अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन बनाने के लिए अपने सहयोगी टॉमस वॉटसन से हेल्प ली थी यह साल 1875-1876 की बात है। यह भी कहा जाता है की ग्राहम बेल की माता और उनकी पत्नी सुनने में असमर्थ थे इस वजह से वे काफी निराश रहते थे उनकी तकलीफों को देखते हुए उन्होंने ध्वनि विज्ञान के क्षेत्र में ऐसे यंत्र बनाए जिनका उपयोग आज बहरे लोगों के सुनने के लिए किया जाता है, शायद इसी कारण ही ग्राहम बेल को टेलीफोन के आविष्कार में सफलता मिली होगी।

ग्राहम बेल बचपन से ही विज्ञान के क्षेत्र में बहुत रुचि रखते थे, वे मानते थे की टेलीग्राफ तार की मदद से normal sound को electronic signal में बदला जा सकता है, इसे possible करने के लिए उन्होंने इस पर काम शुरू किया, कई सालों तक खूब research करी और जैसा की मैने बताया उस समय थॉमस वाटसन भी अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की सहयोगी के तौर पर काम कर रहे थे।

2 जून 1875 इस दिन भी ग्राहम बेल और थॉमस वाटसन अपने एक्सपेरिमेंट्स में व्यस्त थे, थॉमस वाटसन ऊपर वाले कमरे में थे और ग्राहम बेल नीचे कैमरे थे प्रयोग के दौरान अचानक तेजाब की बूंदे ग्राहम के पैंट पर गिर गई उसके बाद उन्होंने जोर से वाटसन को आवाज लगाई, वाटसन को ग्राहम बैल की आवाज सुनाई दी, पर ध्यान से सुनने पर वाटसन को अहसास हुआ की वही आवाज उसके पास रखी उपकरण से भी आ रही है मतलब वह उपकरण काम कर रहा था दरअसल वह टेलीफोन ही था जिसपर बैल और वाटसन सालों से काम कर रहे थे उसी दिन 2 जून 1875 को Telephone का आविष्कार हो गया था।

टेलीफोन आविष्कार में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के अलावा अन्य अविष्कारक का योगदान भी रहा

इस पोस्ट में आपको अब तक पता चल गया होगा की टेलीफोन का आविष्कार अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने किया है पर इनके अलावा अन्य आविष्कारकों ने भी अपना अपना योगदान दिया है जैसे एंटोनियो मीयूची, एमोस डोल्बर, जोहान फिलिप रीस, जॉन पियर्स और चार्ल्स ए॰ चीवर किन्तु आखिरकार बैल ने ही टेलीफोन इन्वेंशन में सफलता प्राप्त की।

टेलीफोन के आविष्कार में ग्राहम बेल के साथ साथ Charles Grafton Page, Innocenzo Manzetti, Charles Bourseul, Johann Philipp Reis, Antonio Meucci and elisha gray आदि साइंटिस्टों के नाम शामिल हैं। ऐसा केवल टेलीफोन खोज के लिए नहीं बल्कि हर बड़े इन्वेंशन में इसी तरह कई साइंटिस्ट के नाम शामिल रहते हैं।

एमोस डोल्बर – इन्होंने ध्वनि विज्ञान में Sound Waves और Electrical Impulses का electrical स्पार्क में रूपांतरण के बारे में रिसर्च किया।

एंटोनियो मीयूची (1854) – इन्होंने भी अपना योगदान देते हुए voice communication device (आवाज संचार उपकरण) का अविष्कार किया जिसका नाम Teletrofono था। लेकिन इनके खोज में कुछ कमियां पाई गई।

Alexander Graham Bell (1875) – Finally Bell ने 2 जून 1875 को टेलीफोन को सफल बना दिया इसी दिन पहली बार टेलीफोन में से आवाज आई थी, बेल ने टेलीफोन से पहली बार वाटसन को बुलाते हुए कहा था – Mr Watson come here I want to see you.

अब आपको पता चल गया होगा कि टेलीफोन का आविष्कार कैसे हुआ व् किन-किन मुख्य लोगों ने इसमें अपना योगदान दिया। वैसे महत्वपूर्ण योगदान बहुत से scientists ने दिया पर Alexander Graham Bell जितना योगदान किसी अन्य आविष्कारक का नहीं था इसी वजह से इनका नाम सबसे पहले आता है अगर आप Google पर भी search करें की Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya तो फर्स्ट में अब्राहम बेल का नाम आएगा उसके बाद बाकियों का।

पहला इंटरनेशनल टेलीफोन कॉल कब हुआ था?

स्मार्टफोन की मदद से आज हम किसी से भी आसानी से बातें कर सकते हैं, फोन का इस्तेमाल व्यक्ति इतनी बार करता है कि उसे खुद को याद नहीं रहता कि उसने आखिरी कॉल किसे लगाया था या दिन का पहला कॉल किसे लगाया था। बहुत कम ही लोग सोचते हैं की पहला कॉल कब, किसने किया गया होगा? वैसे बारे में आपने ऊपर पढ़ा की पहला टेलीफोन कॉल 1875 में ग्राहम बैल और मिस्टर वॉटसन के बीच हुई थी। 

बात करें first international telephone call की तो 1 जुलाई 1881 को दुनिया का पहला इंटरनेशनल टेलीफोन कॉल किया गया था।

टेलीफोन का उपयोग

दूरभाष या टेलीफोन का उपयोग संचार माध्यम के तौर पर किया जाता है इस उपकरण के द्वारा दूर स्थित 2 या इससे अधिक व्यक्तियों के बीच बातचीत की जा सकती है। जिस प्रकार स्मार्टफोन पर सामने वाले व्यक्ति के आवाज को क्लियर सुना जा सकता है उसी प्रकार टेलीफोन पर भी साफ साफ बात को सुना और समझा जा सकता है।

कुछ लोग कहते हैं की अभी टेलीफोन का जमाना गया पर ऐसा नहीं है अभी भी इसका उपयोग बड़े होटल्स, सार्वजनिक टेलीफोन बूथ (Public call office), घर, दुकानों में, ऑफिस आदि जगहों पर किया जाता है इसे कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन buy कर सकता है।

टेलीफोन कैसे काम करता है?

ऊपर टेलीफोन की संरचना वाले हेडिंग में बताया गया है की टेलीफोन (box) के अंदर Transmitter और Receiver लगा होता है, actually इन्ही की वजह से फोन पर conversation possible हो पता है। 

इसे हम बहुत आसान शब्दों में समझते हैं।

जब हम टेलीफोन को कान के पास लाकर बात करते हैं तो कान के सामने वाले हिस्से में स्पीकर लगा होता है जिससे हम आवाज सुनते हैं और जो हिस्सा मुंह के सामने है उसमें डायफ्राम (microphone) लगा होता है, जब हम बातें करते हैं तो यह कंपन करता है और हमारे आवाज को सिग्नल में बदल देता है और क्योंकि टेलीफोन में ट्रांसमीटर लगा होता है तो वह इस सिग्नल को दूसरे टेलीफोन तक पहुंचा देता है, इस दौरान दूसरा टेलीफोन रिसीवर की तरह कार्य करता है जो ध्वनि को कैच करके phone में लगे स्पीकर के माध्यम से सुनने वाले (श्रोता) के कान तक आसानी से पहुंचा देता है, इसी तरह टेलीफोन के जरिए बातचीत होती है।

टेलीफोन लाइन का क्या काम है?

Telephone line का काम होता है प्रेषक (call करने वाला) के आवाज को श्रोता (सुनने वाला) तक पहुंचना इसके लिए एक शहर से दूसरे शहर तक टेलीफोन लाइनें बिछाई जाती है इसे जमीन के ऊपर बिजली खंभे में लटकाकर दूसरे शहरों तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा लाइन को जमीन के नीचे से लिया जाता है इसलिए टेलिफिन वाले उपकरण को लैंडलाइन कहते हैं। लाइन को cable भी बोलते हैं इस केबल के अंदर हजारों की संख्या में तारों को रखा जाता है।

टेलीफोन पर कॉल कैसे करते हैं?

इसके लिए आपको उस व्यक्ति का टेलीफोन नंबर चाहिए होगा जिसे आप तो फोन लगाना चाहते हैं। बात करने के लिए टेलीफोन पर दिए गए button में उस व्यक्ति का phone numbers दबाएं फिर call करें। टेलीफोन के स्पीकर में आपको रिंग सुनाई देगी जब श्रोता कॉल रिसीव करेगा उसके बाद आप बातें कर सकते हैं।

टेलीफोन से स्मार्टफोन तक 

ऊपर दिए गए जानकारी से आपको पता चल गया होगा कि टेलीफोन का आविष्कार करने में वैज्ञानिकों ने कितना परिश्रम किया था आज हम जिन महंगी स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं वह एलेग्जेंडर ग्राहम बेल की वजह से ही संभव हुआ है क्योंकि टेलीफोन के आविष्कार से ही मोबाइल फोन बनाने की प्रेरणा मिली।

1875 – 1876 के दौरान टेलीफोन के आविष्कार के बाद इसका प्रसार अमेरिका के एक शहर से दूसरे शहर में होने लगा, बाद में धीरे-धीरे पूरी दुनिया में यह पॉपुलर हो गया। फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, स्वीडेन, बेल्जियम इत्यादि देशों में भी टेलीफोन व्यवस्था को अपनाया। देखते ही देखते दुनियाभर में टेलीफोन ने क्रांति ला दी यह किसी चमत्कार से कम नहीं था, हालांकि शुरुआत में यह सेवा बड़े-बड़े महानगरों के बीच शुरू हुई किन्तु टेलीफोन व्यवस्था की सफलता को देखते हुए लैंडलाइन टेलीफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने लगी, पोस्ट ऑफिस और डाक घरों में भी टेलीफोन लगाए गए ताकि चिट्ठी के बजाय तत्काल अपनी बातों को दूसरे तक पहुंचाया जा सके, इसी शुरुआत भारत में भी हुई।

90 के दशक के बाद कीपैड वाले मोबाइल phone की संख्या बढ़ने लगी शहरों में कुछ को छोड़कर लगभग हर घरों में mobile phone आ गया, mobile technology ने कम समय में बहुत ज्यादा तरक्की की है फलस्वरूप हमें स्मार्टफोन तक पहुंचा दिया, जिसमें calling के अलावा gamming, entertainment, internet etc. को access करने की सुविधा दी। कैमरा से photo लेना mobile में संभव हो गया कम कीमत पर best smartphone market में उपलब्ध हैं यही कारण है की आज बच्चा बच्चा mobile use करना भलीभांति जानता है।

एलेग्जेंडर ग्रैहम बेल्ल के आविष्कार

ज्यादातर लोगों को के बजे बाद पता है कि ग्राहम बेल में टेलीफोन का आविष्कार किया था पर इसके अलावा उन्होंने कई उपकरणों का आविष्कार भी किया है जो इस प्रकार है:

ऑप्टिकल-फाइबर सिस्टम – यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से सूचनाओं को एक जगह से दूसरे जगह तक प्रकाश बिन्दुओं (light points) के रूप में पहुंचाई जाती है।

मेटल डिटेक्टर – यह उपकरण वैद्युत चुम्बकत्व के सिद्धान्त पर based है, यह धातु (metal) से बनी चीजों को detect कर लेता है। इसका उपयोग विस्फोटक, हथियार आदि का पता लगाने के लिए भी होता है। मेटल डिटेक्टर की कीमत थोड़ी सी महंगी होती है।

फोटोफोन – ग्राहम बेल के आविष्कारों में से यह भी उनका महत्वपूर्ण खोज थी इसे उन्होंने चार्ल्स सुमन टेन्टर की मदद से तैयार किया, यह उस समय का पहला wireless communication उपकरण था जब Radio का invention भी नहीं हुआ था।

इसके अलावा communication technology से जुड़ी कई important research और inventions बेल ने किए हैं जिनके बिना कम्युनिकेशन (digital communication) संभव नहीं है।

मोबाइल और टेलीफोन में क्या अंतर है? – Difference between mobile and telephone

No.Mobile PhoneTelephone
1.मोबाइल फोन को फोन आसानी से संभाल सकते हैं और अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं।टेलीफोन के साथ ऐसा नहीं है हम टेलीफोन को आसानी से हाथ में पकड़ कर कहीं भी नहीं ले जा सकते।
2.मोबाइल फोन का आकार छोटा और वजन कम होता है।  टेलीफोन का आकार मोबाइल की तुलना में काफी बड़ा होता है।
3.फोन कॉल के अलावा एक मोबाइल फोन में बहुत से एडवांस्ड फीचर्स मिलते हैं। जबकि टेलीफोन में केवल कॉल करके बात की जा सकती है।
4.इंटरनेट और गेमिंग की सुविधा मिलती है।इसमें कॉल के अलावा अन्य सुविधा नहीं मिलती।
5.टेलीफोन के आविष्कार के बाद मोबाइल फोन, सेल फोन या स्मार्टफोन बाजारों में उपलब्ध हुए।जबकि टेलीफोन का आविष्कार मोबाइल से पहले ही हो गया था 
difference between mobile and telephone

FAQs

एलेग्जेंडर ग्राहम बेल की पत्नी का नाम क्या था?

मैबल गार्डिनर हब्बार्ड

टेलीफोन बनाने में ग्राहम बेल के सहयोगी वैज्ञानिक का नाम क्या था?

थॉमस वाटसन

एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार कब किया?

2 जून 1875 को लेकिन ग्राहम बेल ने 7 मार्च 1876 को टेलीफोन का पेटेंट कराया मतलब लाइसेंस लिया।

आज आपने पढ़ा

दोस्तों आज के इस पोस्ट में मैंने आपको बताया कि Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya – टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था? उम्मीद करता हूं आज का यह लेख आपको पसंद आया होगा जिसमें मैंने टेलीफोन के बारे में जानकारी शेयर की है अगर आपको लगता है कि इस पोस्ट में कुछ सुधार होने चाहिए तो अपने सुझाव हमारे साथ कमेंट बॉक्स के माध्यम से शेयर करें आप अपना संबंधित सवाल भी कमेंट के द्वारा पूछ सकते हैं।

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